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बारां में संभावित एलपीजी आपूर्ति व्यवधान के मद्देनजर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को बढ़ावा देने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसी क्रम में गुरुवार को मिनी सचिवालय सभागार में कार्यवाहक जिला कलेक्टर भंवरलाल जनागल की अध्यक्षता में एक जागरूकता बैठक आयोजित की गई। जिला रसद अधिकारी विश्वजीत सिंह ने बताया कि प्रशासन राजकीय रसोई, आवासीय संस्थान, सर्किट हाउस, गेस्ट हाउस, मेस और औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी से जोड़ने पर जोर दे रहा है। जिले में बड़ां स्थित पक्षी चिकित्सालय और शवदाह गृह जैसी बड़ी इकाइयां पहले से ही पीएनजी पर संचालित हो रही हैं। अब तक सात औद्योगिक इकाइयों और होटलों ने भी पीएनजी कनेक्शन ले लिए हैं। बैठक में अधिकृत गैस वितरण एजेंसी के प्रतिनिधियों ने पीएनजी कनेक्शन प्रक्रिया, विभागीय अनापत्ति और औद्योगिक व व्यावसायिक क्षेत्रों में इसकी उपलब्धता पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान अधिकारियों और एजेंसी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी बल दिया गया। कार्यवाहक कलेक्टर जनागल ने टोरेंट गैस के क्षेत्रीय महाप्रबंधक को निर्देश दिए कि प्रतिदिन कम से कम पांच राजकीय विभागों, हॉस्टल, अस्पताल और अन्य संस्थानों में कैनोपी लगाकर प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही पीएनजी के लाभों को उजागर करने के लिए जागरूकता संगोष्ठी और सेमिनार आयोजित किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि एलपीजी सिलेंडरों की सीमित आपूर्ति के बावजूद, जिले में पीएनजी से जुड़े उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सभी विभागों को अधिकृत पीएनजी एजेंसी को पूर्ण सहयोग देने के निर्देश भी दिए गए। जिला प्रशासन ने अपील की है कि होटल, रेस्टोरेंट, उद्योग और आम उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए अधिकृत एजेंसी टोरेंट गैस में ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करें। जिन घरों में पहले से पीएनजी कनेक्शन है, वे अपना एलपीजी कनेक्शन संबंधित गैस एजेंसी में जमा कर आगे रिफिल न लें। विपरीत परिस्थितियों में वैकल्पिक साधनों के रूप में सोलर कुकर और इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों के उपयोग की भी सलाह दी गई है। एलपीजी के दुरुपयोग, अवैध भंडारण, कालाबाजारी या रिफिलिंग की सूचना मिलने पर 181, 112, उपभोक्ता हेल्पलाइन 14435 और जिला कंट्रोल रूम के नंबरों पर शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। बैठक में जिला परिषद सीईओ, जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक, रीको, परिवहन, खान, सार्वजनिक निर्माण, विद्युत और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सहित टोरेंट गैस और रसद विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
एलपीजी संकट की आशंका के बीच पीएनजी को बढ़ावा:सरकारी रसोई, उद्योगों को गैस पाइपलाइन से जोड़ने की कवायद तेज
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