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चारधाम यात्रा से पहले केदारनाथ में इस बार ‘नो रूम’ की टेंशन खत्म होती दिख रही है। प्रशासन ने करीब 25 हजार तीर्थयात्रियों के नाइट स्टे की मजबूत प्लानिंग तैयार कर ली है। पैदल मार्ग से लेकर धाम तक कॉटेज और टेंट की व्यवस्था की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को नाइट स्टे के लिए भटकना न पड़े। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने में महज 13 दिन शेष हैं, ऐसे में जिला प्रशासन यात्रा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जंगलचट्टी, भीमबली, छोटी और बड़ी लिनचोली जैसे प्रमुख पड़ावों पर ठहरने की सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इस बार पूरी यात्रा रूट पर ठहरने का व्यापक इंतजाम किया गया है। धाम और पैदल मार्ग को मिलाकर करीब 25 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था तैयार की गई है। इसमें प्रशासन के साथ स्थानीय लोगों की भी अहम भूमिका है, जिससे व्यवस्थाएं मजबूत हुई हैं। जीएमवीएन कॉटेज में 6-7 हजार की सुविधा उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत के मुताबिक, गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के स्थायी कॉटेज जंगलचट्टी, भीमबली, छोटी लिनचोली और बड़ी लिनचोली में उपलब्ध हैं। इनमें करीब 6 से 7 हजार यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। 1000 टेंट में 6 हजार श्रद्धालु रुक सकेंगे जीएमवीएन की ओर से पैदल मार्ग और केदारनाथ धाम में लगभग 1000 टेंट लगाए जा रहे हैं। इन टेंटों में करीब 6 हजार तीर्थयात्री रात्रि विश्राम कर सकेंगे। युवाओं को 1200 टेंट की अनुमति रुद्रा पॉइंट से केदारनाथ धाम तक स्थानीय युवाओं को 1200 टेंट लगाने की अनुमति दी गई है। इन टेंटों में करीब 8 हजार श्रद्धालु ठहर सकेंगे। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है और उनकी आर्थिकी को मजबूती मिल रही है। धाम में तीर्थपुरोहितों के भवनों का निर्माण और टेंट व्यवस्था बेहतर होने से इस बार यात्रियों को पहले के मुकाबले अधिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का फोकस यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने पर है। अब तक क्या थी व्यवस्था केदारनाथ धाम में अब तक ठहरने की व्यवस्था सीमित क्षमता पर निर्भर रहती थी। GMVN के कॉटेज, धर्मशालाओं और टेंट के जरिए हर साल हजारों यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन पीक सीजन में यह पर्याप्त नहीं होती थी। मई-जून के दौरान अक्सर ‘नो रूम’ की स्थिति बन जाती थी, जिससे कई यात्रियों को रात में भी ठहरने के लिए भटकना पड़ता था या बीच रास्ते में रुकना पड़ता था। 22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यह तिथि महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के अवसर पर ऊखीमठ में पारंपरिक पंचांग गणना के बाद घोषित की गई थी। इस साल केदारनाथ यात्रा पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही है। 2025 में धाम के कपाट 2 मई को खुले थे, जबकि इस बार 22 अप्रैल को खुलेंगे। यानी श्रद्धालु इस बार 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। ————— ये खबर भी पढ़ें : चारधाम यात्रा 2026- LPG स्टॉक फुल, खाने-पीने की टेंशन खत्म: IOCL बोला- अफवाहों से बढ़ी बुकिंग; केंद्र को भेजेंगे एक्सट्रा डिमांड चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को खाने-पीने से जुड़ी किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) ने साफ किया है कि अफवाहों के चलते उत्तराखंड में LPG की डिमांड अचानक बढ़ गई है, लेकिन पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई पूरी तरह पर्याप्त है। (पढ़ें पूरी खबर)
चारधाम यात्रा- केदारनाथ में अब ‘नो रूम’ की टेंशन खत्म:25 हजार यात्रियों के लिए नाइट स्टे का इंतजाम, कॉटेज और टेंट में मिलेगी सुविधा
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