PM Narendra Modi Update; Nari Shakti Vandan Sammelan

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नई दिल्ली4 मिनट पहले

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पीएम मोदी ने सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' कार्यक्रम में संबोधन किया। - Dainik Bhaskar

पीएम मोदी ने सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ कार्यक्रम में संबोधन किया।

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को महिला आरक्षण बिल पर कहा, ‘हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। विधानसभाओं से लेकर संसद तक दशकों की प्रतीक्षा के अंत का समय आ गया है। इसलिए सरकार 16 से 18 अप्रैल तक संसद का स्पेशल सेशन लाई है।’

उन्होंने कहा, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के जीवन का बड़ा अवसर बनने जा रहा है। संसद तक पहुंचने का रास्ता आसान बनने जा रहा है। आज महिलाओं की भूमिका और भी अहम हो गई है। 2014 में आप सबने हमें यहां सेवा करने का अवसर दिया है। तब से लेकर अब तक हमारी सरकार ने महिलाओं के जीवन चक्र के हर पड़ाव के लिए योजनाएं बनाईं और लागू किया।’

पीएम की स्पीच 6 पॉइंट्स में

  • पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारी सरकार महिलाओं के लिए कई योजनाएं लेकर हाजिर है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृत्व योजना, जन्म के बाद सुकन्या समृद्धि योजना, सही समय पर टीके लगें इसके लिए मिशन इंद्र धनुष शुरू किया।’
  • स्कूल में शौचालय की परेशानी न हो स्वच्छ भारत अभियान, मुफ्त सेनेटरी पैड, खेलों में सालाना 1 लाख की मदद, भविष्य में सेना में जाना चाहे तो सरकार ने सैनिक स्कूल के दरवाजे खोले। जीवन के आगे के पड़ाव में रसोई में धुएं की परेशानी से बचाने उज्जवला योजना, पानी के लिए हर घर नल, 5 लाख तक मुफ्त इलाज देने वाली आयुष्मान योजना। इन सबका सबसे ज्यादा लाभ हमारी बहनों और बेटियों को हो रहा है।
  • 3 करोड़ से ज्यादा महिलाएं अपने घर की मालिक बनी हैं। आम तौर पर पिता और बेटा व्यापार की बात करते हैं न और मां आ जाए तो कहते हैं तुम जाओ। अब जब वो आर्थिक सशक्त हो गई हैं तो बेटा भी कहता है कि मां को बुलाइए न। उन्होंने कहा कि मैं गृहस्थ नहीं हूं, लेकिन जानता सब हूं।
  • ‘भारत की सभी महिलाओं को एक नए युग के आगमन की बधाई भी देता हूं। लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत दशकों से हर कोई महसूस कर रहा है।’
  • ‘महिला आरक्षण बिल पर विमर्श को करीब चालीस साल बीत गए। इसमें सभी पार्टियों के और कितनी ही पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं। हर दल ने इस विचार को अपने अपने ढंग से आगे बढ़ाया है।’
  • ‘2023 में जब यह अधिनियम आया था तब भी सभी दलों ने सर्व सम्मति से इसे पास कराया था। एक सुर में यह बात भी उठी थी कि इसे हर हाल में 2029 तक लागू हो जाना चाहिए।’

संसद में 16 अप्रैल से विशेष सत्र भी होगा

महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करने के उद्देश्य से 16 अप्रैल को संसद का एक सत्र बुलाया जा रहा है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ ने महिलाओं के लिए आरक्षण को नई जनगणना और परिसीमन (सीमांकन) से जोड़ दिया था।

जनगणना में हुई देरी के चलते, अब 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही आगे बढ़ने की योजना है। संशोधन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो सकती है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम में 2 बड़े संशोधन की प्लानिंग

सरकार ने दो बड़े संशोधनों की योजना बनाई है, जिसमें एक अलग परिसीमन विधेयक भी शामिल है। महिलाओं के लिए रिजर्वेशन तय करने के लिए इन दोनों विधेयकों को संवैधानिक संशोधन के तौर पर पारित किया जाना जरूरी है। मौजूदा स्थिति को बरकरार रखते हुए, OBC आरक्षण के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है, जबकि SC/ST आरक्षण पहले की तरह ही जारी रहेगा।

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