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निदेशक डॉ. नवजोत खोसा ।
चंडीगढ़ में जनगणना 2027 की प्रक्रिया आज से शुरू हो जाएगी। डीसी निशांत कुमार के अनुसार आम पब्लिक के लिए पोर्टल खोल दिया जाएगा, जिससे वे जनगणना संबंधी जानकारी एकत्रित कर सकें और जनगणना फॉर्म भरने के समय कोई परेशानी न हो। पोर्टल पर हर तरह की जानकारी उपल
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निवासी 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन रूप से अपना फॉर्म भर सकेंगे, जिसमें उन्हें हर प्रकार की जानकारी देनी होगी।
1 मई से 30 मई तक घर-घर जाएंगे कर्मचारी
ऑनलाइन प्रक्रिया के बाद 1 मई से कर्मचारी लोगों के घरों में जाएंगे और डेटा का मिलान करेंगे। अगर किसी उत्तर में कोई त्रुटि है तो उसे दुरुस्त किया जाएगा। डॉ. नवजोत खोसा ने बताया कि देश में जनगणना की शुरुआत वर्ष 1872 में हुई थी और यह ‘जनगणना अधिनियम 1948’ व ‘जनगणना नियम 1990’ के तहत करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जबकि 2021 की जनगणना कोविड-19 के कारण टाल दी थी।
पहली बार डिजिटल जनगणना और सेल्फ एन्यूमरेशन
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। डाटा इकट्ठा करने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही लोगों को खुद अपनी जानकारी भरने का विकल्प भी दिया गया है।
इसके लिए वेब पोर्टल के जरिए ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ की सुविधा उपलब्ध होगी, जो 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक खुला रहेगा। इस पोर्टल पर 16 भाषाओं में जानकारी भरने की सुविधा होगी और कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। जानकारी भरने के बाद एक यूनिक आईडी जारी होगी, जिसकी बाद में कर्मचारी घर-घर जाकर पुष्टि करेंगे।
2045 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए
चंडीगढ़ प्रशासन ने जनगणना के लिए विशेष तैयारियां की हैं। शहर में 2045 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं। पहले चरण के लिए 2250 गणनाकार और 375 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, जिनमें अधिकतर स्कूल शिक्षक शामिल हैं।
हेल्पलाइन नंबर किया जारी
लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से जनगणना से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी ली जा सकती है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि लोगों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि सही और सटीक आंकड़े जुटाए जा सकें।