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भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव समारोह समिति पाली और समस्त ब्राह्मण समाज पाली के देखरेख में रविवार सुबह भगवान परशुराम की जयंती को लेकर गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने फूल बरसाकर शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल झांकिया शहरवासियों के आकर्षण का केंद्र रही। शिव ताडंव नृत्य जब कलाकारों ने किया तो कई जने अपने मोबाइल में इसे कैद करते नजर आए। शोभायात्रा शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए लखोटिया रंगमंच पहुंचकर सम्पन्न हुई। जहां महाप्रसादी और सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें समाज के भामाशाहों को सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाजबंधु शामिल रहे। भगवान परशुराम का स्वांग रचे युवक ने की शोभायात्रा की अगुवाई भगवान परशुराम का स्वांग रचे हाथ में फरसा लिए चल रहा एक घुड़सवार युवक शोभायात्रा की अगुआई करते हुए चल रहा था। उसके पीछे DJ पर शिव ताडंव नृत्य करते कलाकारों का डांस देखने लायक था। शोभायात्रा में चल रहे कार्टून पात्र का स्वांग रचे कलाकार सभी का मन मोह रहे थे। उनके पीछे झांकियों के जरिए भगवान परशुराम का जीवन चरित्र दर्शाया जा रहा था। ट्रैक्टर ट्रॉली में बैठी बुजुर्ग महिलाएं पूरे रास्ते भजन गाते हुए चल रही थी। पीछे-पीछे महिलाएं और युवतियां डांस करते हुए चल रही थी और पुरुष भगवान परशुराम के जैकारे लगा रहे थे। शोभायात्रा के अंत में उत्साहित युवा भगवान परशुराम की झांकी का रथ पूरे रास्ते अपने हाथों से खींचते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस जाप्ता तैनात रहा। शोभायात्रा आमलेश्वर महादेव मंदिर से गाजे बाजे के साथ रवाना हुई। जो गांधी मूर्ति, अम्बेडकर सर्कल, सूरजपोल, धोला चौतरा, सोमनाथ मंदिर, घी का झंडा, सर्राफा बाजार, पानी दरवाजा, भेरूघाट होते हुए वापस बाईसी बगेची पहुंच सम्पन्न हुई।
पूरे रास्ते हाथों से खिंचा भगवान परशुराम का रथ:भगवान परशुराम की शोभायात्रा में झांकियों से दिया जल-पर्यावरण संरक्षण का संदेश
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