स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:अनियंत्रित इच्छाओं का अंत दुख, गुस्से और अशांति के साथ होता है, मन को नियंत्रित करना चाहिए

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  • Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. Knowledge Reveals The Truth; Uncontrolled Desires Ultimately Lead To Sorrow, Anger, And Unrest; One Should Learn To Control The Mind.

14 घंटे पहले

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वेदों के अनुसार अनियंत्रित इच्छाओं का अंत दुख, अवसाद, क्रोध और अशांति के साथ होता है। अधिक इच्छाओं से मन कमजोर और असंतुलित हो जाता है। इसलिए विवेक हमें सिखाता है कि गैर जरूरी चीजों के लिए अधिक मोह न रखें और अपने मन को नियंत्रित करें। गलत इच्छाओं के पीछे भागने से केवल परेशानी मिलती है। हमारा मन अक्सर चंचल होता है और भौतिक चीजों को ही सत्य मानकर उनके पीछे दौड़ता रहता है, इसलिए मन को नियंत्रित करना चाहिए।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए जीवन में आनंद कैसे मिलता है?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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