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बरनाला जिले में पराली जलाने के दो मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें एक नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रशासन और पुलिस द्वारा पराली जलाने की घटनाओं पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पहला मामला थाना धनौला में क्लस्टर अधिकारी जस्मीन सिंह सिद्धू की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया। गांव राजिया निवासी दया सिंह पर आरोप है कि उसने अपनी कृषि भूमि में गेहूं के फसल अवशेष (पराली) को आग लगाई। मौके की पुष्टि के बाद पुलिस ने पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरे केस में अज्ञात पर मामला दर्ज दूसरा मामला थाना भदौड़ में क्लस्टर अधिकारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया है। यह घटना गांव क्षेत्र के एक खेत में हुई, जहां गेहूं के नाड़ को आग लगाई गई थी। इस संबंध में हल्का पटवारी की रिपोर्ट भी संलग्न की गई है, जिसमें घटना स्थल की लोकेशन दर्ज है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों को आग लगाने से बचें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पराली जलाने से न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि पराली जलाने के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बरनाला में पराली जलाने के दो मामले दर्ज:प्रशासन की लोगों से अपील- फसल अवशेषों को आग लगाने से बचें
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