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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस महीने भारत आ सकते है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक वे 14-15 मई को नई दिल्ली में होने वाली BRICS बैठक में हिस्सा ले सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान चाहता है कि भारत की अध्यक्षता में BRICS पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने में रचनात्मक भूमिका निभाए। अगर यह दौरा होता है तो क्षेत्रीय संघर्ष शुरू होने के बाद यह अराघची की पहली भारत यात्रा होगी। मार्च में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत के दौरान भी अराघची ने BRICS की भूमिका का मुद्दा उठाया था। ईरानी सरकार के मुताबिक उन्होंने कहा था कि मौजूदा हालात में BRICS जैसे मंच क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। भारत मई में BRICS समूह की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी में है। ऐसे में ईरान का भारत के साथ बढ़ता संपर्क भू-राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… बंगाल चुनाव में जीत पर नॉर्वे के पूर्व मंत्री बोले- क्या शानदार बदला लिया है, PM मोदी की तारीफ की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद नॉर्वे के पूर्व मंत्री और राजनयिक एरिक सोल्हेम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ करते हुए कहा कि क्या शानदार बदला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सोलहेम ने 2024 लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि तब पश्चिमी मीडिया ने BJP के बहुमत से नीचे रहने को मोदी युग के अंत की शुरुआत बताया था। लेकिन उसके बाद पार्टी ने ओडिशा, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, असम और अब पश्चिम बंगाल में जीत दर्ज की, क्या शानदार बदला है। उन्होंने ये भी कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे 10 करोड़ की आबादी वाले राज्य में 90% से ज्यादा वोटिंग होना बताता है कि भारत में लोकतंत्र कितना मजबूत है। यूरोप और अमेरिका के कई चुनावों में इतनी भागीदारी देखने को नहीं मिलती। भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए मिसाल है और पश्चिमी देशों को इसे समझने की जरूरत है। तमिलनाडु चुनाव पर भी सोलहेम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK के प्रदर्शन को राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव बताया। जेपी मॉर्गन पर पूर्व बैंकर का गंभीर आरोप: यौन उत्पीड़न केस दबाने को 10 लाख डॉलर ऑफर किए, समझौता नहीं हुआ अमेरिकी बैंक जेपी मॉर्गन चेस पर उसके पूर्व कर्मचारी चिरायु राणा ने यौन उत्पीड़न, नस्लीय भेदभाव और कार्यस्थल पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। न्यूयॉर्क स्टेट सुप्रीम कोर्ट में दायर मुकदमे में दावा किया गया है कि बैंक ने केस कोर्ट पहुंचने से पहले 10 लाख डॉलर का सेटलमेंट ऑफर दिया था, लेकिन बातचीत सफल नहीं हो सकी। मुकदमे में जेपी मॉर्गन की वरिष्ठ अधिकारी लोर्ना हजदिनी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने वरिष्ठ पद का इस्तेमाल कर राणा पर यौन संबंध बनाने का दबाव बनाया। शिकायतकर्ता का कहना है कि विरोध करने पर करियर और प्रमोशन प्रभावित करने की धमकी दी गई। कोर्ट दस्तावेजों में यौन उत्पीड़न, नस्लीय टिप्पणी, धमकी और ड्रग देने जैसे आरोप भी शामिल हैं। राणा ने दावा किया कि मई 2025 में आंतरिक शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें प्रशासनिक अवकाश पर भेजा गया और धमकी भरे कॉल आने लगे। हालांकि जेपी मॉर्गन ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। बैंक का कहना है कि आंतरिक जांच में कोई सबूत नहीं मिला। लोर्ना हजदिनी के वकीलों ने भी आरोपों को पूरी तरह झूठा और प्रतिष्ठा खराब करने वाला बताया है। मामले ने वाल स्ट्रीट में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। मुकदमे में मानसिक पीड़ा, प्रतिष्ठा को नुकसान और आर्थिक हर्जाने की मांग की गई है। अब यह विवाद लंबी कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ता दिख रहा है। इस्लामिक स्टेट से कथित संबंध रखने वाली महिलाओं और बच्चों की ऑस्ट्रेलिया वापसी इस्लामिक स्टेट (IS) समूह से कथित संबंध रखने वाली ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं और बच्चों को गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया लाया गया। कतर एयरवेज की दो फ्लाइट्स मेलबर्न और सिडनी पहुंचीं। रिपोर्ट के मुताबिक एक फ्लाइट में तीन महिलाएं और आठ बच्चे मेलबर्न पहुंचे, जबकि दूसरी फ्लाइट में एक महिला और उसका बेटा सिडनी पहुंचे। ये सभी लोग कई वर्षों से सीरिया के रेगिस्तानी कैंप में रह रहे थे। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने बुधवार को इन 13 लोगों की वापसी की घोषणा की थी। पुलिस ने कहा है कि महिलाओं के खिलाफ उनके कथित IS संबंधों को लेकर आपराधिक जांच की जा सकती है। अधिकारियों के मुताबिक जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि IS के तथाकथित खिलाफत शासन के दौरान उनकी क्या भूमिका रही थी। दोनों फ्लाइट्स दोहा से रवाना हुई थीं। QR904 पहले मेलबर्न पहुंची, जबकि QR908 बाद में सिडनी उतरी। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लौटे लोगों की निगरानी और जांच में जुटी हैं। वहीं बच्चों के पुनर्वास और सुरक्षा को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है। अमेरिका के मिसिसिपी में टॉरनेडो से भारी तबाही: सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त, कई इलाके प्रभावित अमेरिका के मिसिसिपी राज्य में आए शक्तिशाली तूफानों और कई टॉरनेडो ने भारी तबाही मचाई है। अधिकारियों के मुताबिक सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, पेड़ उखड़ गए हैं और बिजली लाइनें गिर गई हैं। हालांकि, अब तक किसी मौत की सूचना नहीं मिली है। बुधवार रात आए तूफानों ने कई इलाकों को प्रभावित किया। स्थानीय निवासी मैक्स महाफी ने बताया कि वे अपने कमरे में थे, तभी तेज आवाज के बाद उनका कमरा पूरी तरह तबाह हो गया। उनकी दादी के पैर में चोट आई, जबकि कुछ पड़ोसियों को मामूली चोटें आई हैं। नेशनल वेदर सर्विस ने पुष्टि की है कि पूर्वी लिंकन काउंटी से लॉरेंस काउंटी की ओर एक बड़ा और खतरनाक टॉरनेडो बढ़ा था। मिसिसिपी के गवर्नर टेट रीव्स ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में टॉरनेडो की सूचना मिली है और आपदा प्रबंधन एजेंसियां राहत कार्य में जुटी हैं। तूफान के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। वहीं मौसम विभाग ने अलबामा, जॉर्जिया और फ्लोरिडा के कुछ हिस्सों में भी आगे खराब मौसम और टॉरनेडो का खतरा जताया है।
वर्ल्ड अपडेट्स:ईरान के विदेश मंत्री BRICS के लिए भारत आ सकते हैं, 14-15 मई को होगी बैठक
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