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कोटा की बेटी ने रचा इतिहास। राजस्थान के वुशु खेल इतिहास में पहली बार किसी खिलाड़ी ने एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई है। महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी की खिलाड़ी दिव्यांशी का चयन एशियन गेम्स 2026 के लिए हुआ है। साथ ही उन्हें चीन के हुबेई प्रांत
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कोच अशोक गौतम ने बताया कि दिव्यांशी ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए वर्षों की कठिन मेहनत की है। वर्ष 2017 से लगातार अभ्यास कर रही दिव्यांशी राष्ट्रीय स्तर पर 12 स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इनमें सब-जूनियर, जूनियर, स्कूल गेम्स, खेलो इंडिया और फेडरेशन कप जैसी प्रतियोगिताओं के स्वर्ण पदक शामिल हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने जूनियर विश्व वुशु चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई थी।
एशियन गेम्स चयन प्रक्रिया के तहत आयोजित कई ट्रायल्स में दिव्यांशी ने शानदार प्रदर्शन किया। अंतिम ट्रायल श्रीनगर में आयोजित हुआ, जहां उन्होंने 60 किलोग्राम वर्ग में मणिपुर की भूमिका देवी को हराया। इसके बाद अर्जुन अवार्डी और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता रोशीबीना देवी को मात देकर बड़ा उलटफेर किया। फाइनल में चंडीगढ़ की हिमांशी को हराकर उन्होंने एशियन गेम्स का टिकट पक्का कर लिया।
गौतम ने बताया कि शुरुआती ट्रायल में दिव्यांशी का वजन 74 किलोग्राम था, जबकि प्रतियोगिता में केवल 52 और 60 किलो वर्ग शामिल थे। ऐसे में उन्होंने कड़ी मेहनत कर करीब 14 किलो वजन कम किया और खुद को इस स्तर तक पहुंचाया।
दिव्यांशी की सफलता के पीछे उनके माता-पिता और कोच का बड़ा योगदान रहा है। उनकी माता राजस्थान पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं, जबकि पिता भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं।