कांग्रेस नेता राजेंद्र सूरा के साथ गले मिलते शिकायकर्ता एडवोकेट राजकपूर बामल।
हिसार में एडवोकेट से मारपीट मामले में 2 दिन पहले पूर्व जिला परिषद चेयरमैन राजेंद्र सूरा और दीपक सूरा के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। आज सेक्टर 5 स्थित सांसद के आवास पर दोनों पक्षों की रात को बैठक हुई, जिसमें दोनों पक्षों का समझौता हो गया।
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इस मौके पर बार प्रधान संदीप बूरा और एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल भी मौजूद रहे। समझौते के दौरान राजेंद्र सूरा ने भरी पंचायत में माफी मांगते हुए कहा कि इसमें किसी का दोष नहीं था बल्कि समय ऐसा था जिसके कारण ऐसी परिस्थिति बनी मगर भाईचारे को देखते हुए वह इस मामले को यही खत्म करते हैं।
इसके बाद राजेंद्र सूरा ने शिकायतकर्ता एडवोकेट राजकपूर बामल को गले भी लगाया। बता दें कि कांग्रेस नेता व उसके भाई पर अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने धारा 115, 126, 3, 351 के तहत कार्रवाई की थी।

सांसद जयप्रकाश के आवास पर हुई पंचायत में कांग्रेस नेता राजेंद्र सूरा अपनी बात रखते हुए।
समझौता होने के बाद वकील वर्क सस्पेंड नहीं करेंगे वहीं मामले में हिसार बार प्रधान संदीप बूरा ने कहा कि कांग्रेस नेता राजेंद्र सूरा ने बड़ा दिल दिखाते हुए मामले को खत्म करने की पहल ही है। एडवोकेट बामल से उनका इश्यू था जो उन्होंने बैठकर शॉर्टआउट कर लिया है। संदीप बूरा ने कहा कि बार हमेशा वकीलों के साथ खड़ा रहा है। आगे भी साथ खड़ा रहेगा।
एडवोकेट बामल ने पुलिस में दी थी शिकायत शिकायतकर्ता एडवोकेट राजकपूर बामल जिंदल चौक पर कुमार स्टांप पेपर के नाम से पब्लिक नोटरी का काम करते हैं। 24 अप्रैल को दीपक सूरा ने उनके आफिस से दो स्टांप पेपर खरीदे और शपथ पत्र टाइप कराया। दीपक ने बिना हस्ताक्षर वाले शपथ पत्रों को नोटरी करने को कहा।
राजकपूर ने बिना हस्ताक्षर नोटरी करने से मना कर दिया। इसके बाद दीपक सूरा ने राजेंद्र सूरा का नाम लेकर धमकी दी और वहां से चला गया। आरोप है कि कुछ देर बाद दीपक और राजेंद्र सूरा डंडे लेकर आफिस में आए। दोनों ने राजकपूर पर थप्पड़, घूंसे और डंडों से हमला किया। इस दौरान वहां एडवोकेट राजेश मोर और स्टांप विक्रेता वीरेंद्र सिंहमार भी मौजूद थे।
कांग्रेस नेता ने कहा था-मुझे गालियां निकाली गई वहीं इस मामले में कांग्रेस नेता राजेंद्र सूरा ने बताया था कि राजकपूर ने उनके साथ गाली-गलौच की। जब मैंने उससे गाली देने का कारण पूछा तो उसने राजनीतिक कारण गिनवाए। मैंने उसे समझाया मगर वह नहीं माना और जोर-जोर से चिल्लाते हुए गालियां देने लगा। अब गालियां तो नहीं सुनी जाती। इसके बाद झगड़ा बढ़ा।