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कोटा जिले में 10 लाख 30 हजार के करीब गणना प्रपत्र डिजिटाईज हो चुके हैं। सर्वाधित डिजिटाईजेशन 75.99 प्रतिशत सांगोद विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में हुआ है। पीपल्द में 73.79 प्रतिशत, रामगंजमंडी में 72.21 प्रतिशत, कोटा दक्षिण में 69.83 प्रतिशत, लाडपुरा में
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जिला निर्वाचन अधिकारी पीयूष समारिया ने सभी बीएलओ को शत्-प्रतिशत डिजिटाईजेशन काम पूरा करने और गणना प्रपत्र इकटठा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बीएलओ को कहा कि जिन वोटर्स को गणना प्रपत्र दिए हैं उनसे फॉर्म कलेक्ट कर लें। जिन वोटर्स का विशिष्ट गहन पुनरीक्षण सूची 2002 में नाम नहीं है, उनके गणना प्रपत्र पर मतदाता का विवरण अंकित कर हस्ताक्षर करवाकर गणना प्रपत्र अवश्य कलेक्ट करें। इसके बाद ईआरओ कार्यालय में अन्य स्टाफ की मदद से इन डाटा को सर्च करने का प्रयास करें।
डाटा सर्च नहीं हो पा रही है तो इन्हें थर्ड कैटेगरी में डिजीटाईज करें। उन्होंने कहा कि किसी दस्तावेज के अभाव में गणना प्रपत्र कलेक्ट करने के काम में देरी नहीं की जाए। उन्होंने कहा कि जो मतदाता 2002 की प्रविष्टियां उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं, तो भी गणना प्रपत्र कलेक्ट कर लें ताकि मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन वोटर्स का गणना प्रपत्र जमा नहीं होगा उनका नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं आ सकेगा। इस संबंध में मतदाताओं को जागरूक करें और उन्हें समझाएं ताकि वे गणना प्रपत्र संबंधित बीएलओ के पास जमा करवाएं।