सीकर4 मिनट पहले
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मॉस्को में नौकरी लगवाने के नाम पर 5.50 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम के जरिए युवक एजेंट के झांसे में आया। वहां 3 महीने से ज्यादा रहने के बावजूद भी नौकरी नहीं मिली। अब एजेंट ने रुपए लौटाने से भी मना कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीकर के उद्योग नगर पुलिस थाने में वीरेंद्र सैनी ने रिपोर्ट देकर बताया कि उसने जॉब ढूंढने के लिए इंस्टाग्राम पर सर्च किया। तब उसे पता चला कि राहुल हुड्डा विदेश भेजने का एजेंट है। वीरेंद्र ने राहुल के मोबाइल नंबर पर कांटेक्ट किया तो राहुल ने कहा कि मेरा काम काफी अच्छा है और मैंने कई लोगों को विदेश में नौकरी लगवाई है। अभी मेरे पास रशिया के मॉस्को में कॉलेज में जॉब आई हुई है। वीजा और टिकट के लिए आपको 5.50 लाख रुपए देने होंगे। वहां पर आपको हर महीने डेढ़ लाख रुपए मिलेंगे।
आपको वहां एयरपोर्ट पर हमारा आदमी मिल जाएगा और वह सारी व्यवस्था करेगा। राहुल की बातों में आकर वीरेंद्र ने उसे पूरे रुपए दे दिए। जब वीरेंद्र दिल्ली एयरपोर्ट से मॉस्को गया तो वहां पर उन्हें राहुल हुड्डा का आदमी अक्षय मिला। जिसने वीरेंद्र का एक वीडियो बनाया और वीरेंद्र के खाली कागजों पर साइन करवाकर कहा कि जल्द ही आपको जॉब दे देंगे। लेकिन कई दिनों तक जॉब नहीं दिलवाई और न ही किसी जॉब के लिए इंटरव्यू करवाया।
जब वीरेंद्र ने अपना वीजा देखा तो पता चला कि यह तो स्टडी वीजा है। वीरेंद्र ने राहुल और अक्षय से बात की तो उन्होंने कहा कि हम तो इसी तरह लोगों को पहले स्टडी वीजा पर बुलाते हैं और उसके बाद जॉब लगवा देते हैं। करीब 1 महीने तक वीरेंद्र को वहां पर जॉब नहीं मिली। वीरेंद्र जो रुपए अपने साथ लेकर गया था वह भी खत्म हो गए।
जब बार-बार वीरेंद्र ने राहुल और अक्षय से बात की दोनों ने 3 महीने का वीजा एक्सटेंड करवा दिया लेकिन कोई जॉब नहीं दिलवाई। मॉस्को में रहकर वीरेंद्र के भूखे रहने की नौबत आ गई। इसलिए वीरेंद्र ने अपने घरवालों को इस बारे में बताया। वीरेंद्र के घरवाले जब हरियाणा के रोहतक में राहुल के ऑफिस गए तो वहां राहुल की ऑफिस की कर्मचारी ज्योति रवीना मिली। जिसने कहा कि अभी किसी प्रॉब्लम के चलते जॉब नहीं मिल पा रही जल्दी जॉब मिल जाएगी। ज्योति ने कहा कि थोड़ी देर बाद बॉस आएंगे।
कुछ देर बाद राहुल हुड्डा वहां पर आया जिसने कहा कि अगर 4 दिन में जॉब नहीं लगी तो 4.43 लाख रुपए वापस लौटा देंगे। लेकिन उसके बाद भी जॉब नहीं लगवाई। घरवालों ने यहां से टिकट बुक करवाकर वीरेंद्र को वापस बुला लिया। जब यहां आने के बाद वीरेंद्र ने राहुल से बात की तो उसने कहा कि हमारा तो धंधा ही धोखाधड़ी करके रुपए हड़पने का है, तुम्हें कोई पैसा नहीं मिलेगा। तुमको पुलिस या नेता के पास जाना हो,चले जाओ तुमको कुछ नहीं मिलेगा। फिलहाल वीरेंद्र की रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
