जनगणना 2027 के लिए प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। नगर परिषद झुंझुनू द्वारा जनगणना के प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण’ (House Listing) के लिए प्रगणकों और सुपरवाइजरों के दो बैच का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
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प्रशिक्षण सत्र के दौरान मुख्य अतिथि एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। प्रगणकों को संबोधित करते हुए डॉ. गर्ग ने कहा कि जनगणना केवल व्यक्तियों की गिनती नहीं है, बल्कि यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है।

जनगणना के प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण’ (House Listing) के लिए प्रगणकों और सुपरवाइजरों के दो बैच का विशेष प्रशिक्षण

प्रगणक ट्रेनिंग लेते हुए
उन्होंने कहा कि प्रगणकों द्वारा संकलित किए गए सटीक आंकड़े ही भविष्य में राष्ट्र के विकास की योजनाओं और नीतियों का आधार बनते हैं। डेटा संकलन में पूर्ण पारदर्शिता और शुद्धता अनिवार्य है।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
चार्ज जनगणना अधिकारी एवं आयुक्त देवीलाल बौचल्या ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि पूरा काम अनुशासन में रहकर करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य में किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही माफी लायक नहीं होगी। उन्होंने आगाह किया कि जनगणना अधिनियम के तहत कर्तव्य में कोताही बरतने पर कड़ी सजा के प्रावधान हैं।
प्रत्येक प्रगणक को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करना चाहिए ताकि कानूनी कार्रवाई की स्थिति न बने।
अतिरिक्त चार्ज अधिकारी नेहा चौधरी ने अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी प्रगणक या सुपरवाइजर बिना पूर्व सूचना के प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहेगा, उसके विरुद्ध जनगणना अधिनियम 1948 की सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
12 मई तक चलेगा प्रशिक्षण
जिला परियोजना अधिकारी अरुण जाखड़ ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह शिविर आज से शुरू होकर 12 मई 2026 तक निरंतर चलेगा।
इस दौरान मास्टर ट्रेनर्स उम्मेद सिंह महला, शशिकान्त, प्रमेन्द्र कुलहार और गजेन्द्र सिंह मौजूद रहे। प्रगणकों को मकान सूचीकरण की बारीकियों, तकनीकी पहलुओं और मोबाइल ऐप/फॉर्म भरने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। पहले दिन के सत्र में कुल 80 प्रगणकों और सुपरवाइजरों ने भाग लिया।