![]()
जिले के वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। जिले में चल रहे फिटनेस सेंटर बंद हो जाने के कारण वाहन मालिकों को अब अपनी गाड़ियों की फिटनेस जांच करवाने के लिए 100 से अधिक किलोमीटर दूर दूसरे जिलों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
यह है पूरा मामला केंद्र सरकार के नए नियमों के अनुसार, अब वाहनों की फिटनेस केवल ‘हाइटेक ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन’ (एटीएस) पर ही हो सकती है। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि पूरे झुंझुनूं जिले में अभी तक एक भी एटीएस सेंटर शुरू नहीं हो पाया है। इसके विपरीत, परिवहन विभाग ने पुरानी व्यवस्था के तहत चल रहे सामान्य फिटनेस सेंटरों को भी बंद करवा दिया है। क्यों बंद हुए पुराने सेंटर परिवहन विभाग ने 1 अप्रैल 2025 से एटीएस से फिटनेस अनिवार्य कर दी थी। जिन जगहों पर एटीएस नहीं थे, वहां कुछ समय के लिए छूट दी गई थी और परिवहन कार्यालयों में ही फिटनेस की सुविधा शुरू की गई थी। इसके खिलाफ फिटनेस सेंटर संचालक हाईकोर्ट चले गए थे। नवंबर 2025 में हाईकोर्ट ने परिवहन कार्यालयों में फिटनेस बंद करने का आदेश दिया, लेकिन सामान्य सेंटरों को बची हुई अवधि तक काम करने की अनुमति दी। इसी आदेश के तहत झुंझुनूं में तीन सेंटर चल रहे थे, जिनमें से अब सभी की अवधि समाप्त हो चुकी है। सरकार की सुस्ती, जनता परेशान सरकारी तंत्र की सुस्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकार ने पिछले साल जिले के लिए चार एटीएस सेंटरों को मंजूरी दी थी। प्रस्ताव पास हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज तक इनमें से एक भी सेंटर धरातल पर शुरू नहीं हो सका है। 40 हजार गाड़ियों पर असर जिले में लगभग 40 हजार व्यावसायिक गाड़ियां हैं। रोजाना औसतन 80 से 90 गाड़ियों को फिटनेस टेस्ट की जरूरत होती है। काम बंद होने के कारण अब वाहन मालिकों के सामने दो बड़ी मुसीबतें हैं। या तो वे 100 किमी दूर जाकर फिटनेस करवाएं। या फिर बिना फिटनेस के गाड़ी चलाएं और भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई झेलें। झुंझुनूं के जिला परिवहन अधिकारी रमेश कुमार यादव ने भी माना है कि एटीएस शुरू न होने के कारण वाहन मालिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
40 हजार से अधिक कमर्शियल वाहन:एक भी फिटनेस सेंटर नहीं, ऑटोमैटिक टेस्टिंग सेंटर पर ही होगी फिटनेस, 100 KM जाकर करवानी पड़ रही है फिटनेस,
Leave a comment